“हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ खुले तुंगनाथ मंदिर के कपाट
सैकड़ों श्रद्धालु बने इस पावन क्षण के साक्षी
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज विधि-विधान और शुभ मुहूर्त के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूब गया और सैकड़ों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने।
बाबा तुंगनाथ के कपाटोद्घाटन के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था, जहां फूलों की आकर्षक सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। करीब साढ़े सात सौ से अधिक भक्तों ने इस ऐतिहासिक पल को प्रत्यक्ष देखा और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कपाट खुलने से पहले भगवान की चल उत्सव डोली चोपता से सुबह धाम के लिए रवाना हुई। कठिन चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति के साथ डोली के साथ चलते रहे। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच डोली मंदिर परिसर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
मंदिर पहुंचने के बाद डोली की परिक्रमा कर उसे पार्वती मंदिर में विराजमान किया गया। इसके बाद हक-हकूकधारी ब्राह्मणों द्वारा गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की गई। परंपरा के अनुसार स्वयंभू शिवलिंग का पूजन कर उसे जागृत किया गया, जिसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
कपाट खुलने के साथ ही भक्तों ने जलाभिषेक और पूजा कर भगवान तुंगनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, धार्मिक गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस दिव्य आयोजन में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।