आयुष शेट्टी का ऐतिहासिक रजत
भारतीय खेल इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करते हुए, 20 वर्षीय आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप (BAC) 2026 के पुरुष एकल में ऐतिहासिक रजत पदक जीता है। रविवार को फाइनल में पहुंचकर, शेट्टी 1965 में दिनेश खन्ना के स्वर्ण के बाद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के एकल फाइनल में पहुंचने वाले 61 वर्षों में पहले भारतीय व्यक्ति बन गए हैं।
हालाँकि, निंगबो में हुए खिताबी मुकाबले में शेट्टी को स्थानीय पसंदीदा और विश्व चैंपियन शी युकी से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके इस प्रदर्शन ने वैश्विक बैडमिंटन सर्किट में भारत की बढ़ती ताकत का लोहा मनवा दिया है।
शी युकी का दबदबा और शेट्टी का संघर्ष
चीनी स्टार शी युकी ने अपनी अनुभव और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 42 मिनट के भीतर 21-8, 21-10 से जीत दर्ज की। 6 फुट 4 इंच लंबे आयुष शेट्टी ने अपनी लंबाई और पहुँच का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन शी युकी के चतुर नेट-प्ले और ड्रॉप शॉट्स ने भारतीय खिलाड़ी को लय हासिल करने का मौका नहीं दिया।
‘जायंट स्लेयर’ का सफर
आयुष शेट्टी का फाइनल तक का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं था। विश्व नंबर 25 के रूप में टूर्नामेंट में उतरे शेट्टी ने कई दिग्गजों को धूल चटाई:
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क्वार्टर फाइनल: विश्व नंबर 4 जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया।
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सेमीफाइनल: विश्व नंबर 1 कुनलावुत वितिदसर्न को हराकर सबसे बड़ा उलटफेर किया।
विशेषज्ञों की राय
राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने शेट्टी की सराहना करते हुए कहा, “भारतीय एकल बैडमिंटन में आक्रामकता के नए युग की शुरुआत हो चुकी है। आयुष की लंबाई और उनकी रैकेट पावर का मुकाबला करना किसी भी खिलाड़ी के लिए कठिन है।”
रैंकिंग में उछाल
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद आयुष शेट्टी ताज़ा BWF रैंकिंग में सात पायदान की छलांग लगाकर करियर के सर्वश्रेष्ठ 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वह अब लक्ष्य सेन (नंबर 11) के बाद दुनिया के शीर्ष 20 में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं। कर्नाटक के कारकला से शुरू हुआ आयुष का यह सफर अब वैश्विक ऊंचाइयों को छू रहा है।