September 18, 2026

03 कुमाऊं रेजीमेंट के रेजिंग-डे समारोह में शामिल हुए मंत्री गणेश जोशी

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सैनिकों और पूर्व सैनिकों को दी शुभकामनाएं

देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोर्खाली सुधार सभा में शुक्रवार को 03 कुमाऊं रेजीमेंट का रेजिंग-डे समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रेजीमेंट के सभी सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों, वीर नारियों और उनके परिजनों को रेजिंग-डे की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कुमाऊं रेजीमेंट का इतिहास भारतीय सेना के शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की गौरवशाली गाथाओं से भरा है। रेजीमेंट के वीर सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं रेजीमेंट का देश की रक्षा में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

गणेश जोशी ने कहा कि जब देशवासी चैन की नींद सोते हैं, तब हमारे सैनिक सीमाओं पर जागकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सैनिक देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रहरी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के हजारों परिवारों की कई पीढ़ियों ने भारतीय सेना में सेवाएं दी हैं और यहां के युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना लंबे समय से रही है।

मंत्री ने कहा कि रेजिंग-डे का अवसर उन वीर सैनिकों और शहीदों को नमन करने का भी है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका त्याग और शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि सैनिक के साथ उसका परिवार भी देशसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान, कल्याण और हितों की रक्षा करना समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गणेश जोशी ने कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों और पूर्व सैनिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रेजीमेंट की गौरवशाली परंपरा इसी तरह आगे बढ़ती रहे और इसके वीर जवान देश का मान-सम्मान बढ़ाते रहें।

समारोह में गोविंद सिंह, गंगा दत्त बिनवाल, हरी सिंह, मंजू देउपा, गंगा सिंह, देवकी बिनवाल, कैलाश सिंह, दरबान सिंह, राम दत्त, नंदन सिंह सहित सैन्य अधिकारी, वीर जवान, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिजन मौजूद रहे।

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